Saturday, April 18, 2026
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33 मासूमों से दरिंदगी करने वाले` को दंपत्ति को फांसी; बांदा पॉक्सो कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

Banda POCSO court sentences couple to death for brutalizing 33 innocent children - Banda News in Hindi

बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा स्थित विशेष पॉक्सो अदालत ने आज मानवता को शर्मसार करने वाले एक मामले में अपना कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने सिंचाई विभाग के पूर्व जूनियर इंजीनियर रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को 33 मासूम बच्चों के साथ यौन शोषण और उनकी पोर्नोग्राफी बनाने के जुर्म में फांसी की सजा सुनाई है। सीबीआई ने 31 अक्टूबर 2020 को रामभवन और अन्य के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण, पोर्नोग्राफी बनाने और उसे इंटरनेट पर प्रसारित करने के आरोपों में मामला दर्ज किया था. जांच में सामने आया कि ये शिकारी 2010 से 2020 के बीच बांदा और चित्रकूट के इलाकों में सक्रिय थे. आरोपी रामभवन बच्चों को ऑनलाइन वीडियो गेम, पैसे और उपहारों का लालच देकर अपनी हवस का शिकार बनाता था। सीबीआई की जांच में जो तथ्य सामने आए, वे रूह कपा देने वाले हैं। दरिंदगी के शिकार 33 लड़कों में से कुछ की उम्र महज तीन वर्ष थी। यौन हमले के दौरान कई मासूमों के निजी अंगों में गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस आघात के कारण कुछ बच्चों की आंखों में भेंगापन तक विकसित हो गया। पीड़ित आज भी उस भयानक मनोवैज्ञानिक आघात (Psychological Trauma) से जूझ रहे हैं। 
विशेष न्यायाधीश ने आरोपियों के कृत्य को दुर्लभ से दुर्लभतम (Rarest of Rare) श्रेणी का माना. अदालत ने कहा कि 33 बच्चों का व्यवस्थित तरीके से शोषण करना और उनके प्रति ऐसी नैतिक गिरावट समाज के लिए असहनीय है, जहां सुधार की कोई गुंजाइश नहीं बचती। 
अदालत ने केवल सजा ही नहीं सुनाई, बल्कि पीड़ितों के पुनर्वास के लिए भी कड़े निर्देश दिए कि सरकार प्रत्येक पीड़ित बच्चे को 10 लाख रुपए का मुआवजा प्रदान करेगी। आरोपियों के घर से जब्त की गई नकदी को भी सभी पीड़ितों में बराबर अनुपात में बांटने का आदेश दिया गया है। 
सीबीआई ने इस मामले में 10 फरवरी 2021 को आरोप पत्र दाखिल किया था और 26 मई 2023 को आरोप तय किए गए थे. आज के फैसले ने यह साफ कर दिया है कि बच्चों के साथ होने वाले अपराधों में कानून किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरतेगा।

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